अब बीकानेर जिले में 5 नई पंचायत समितियां व 84 ग्राम पंचायतें प्रस्तावित

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पंचायती राज परिसीमन
बीकानेर। ठीक पांच साल बाद एक बार फिर से वर्ष 2011 की जनगणना को आधार मानते हुए पंचायती राज में परिसीमन होने जा रहा है। वर्तमान में बीकानेर जिले में 7 पंचायत समितियां तथा 290 ग्राम पंचायतें है। पंचायती राज चुनाव से ठीक पहले होने जा रहे परिसीमन में बीकानेर जिले में 5 नई पंचायत समितियां तथा 84 ग्राम पंचायतें प्रस्तावित है। यदि परिसीमन में सरकार की अंतिम मुहर लगती है तो बीकानेर जिले में पंचायत समितियों की संख्या बढ़कर 12 हो जाएंगी। वहीं बीकानेर जिले में ग्राम पंचायतें बढ़कर &74 हो जाएगी। हाल फिलहाल पंचायती राज के परिसीमन को लेकर घमासान मचा हुआ है। कहीं नई पंचायतें बनाने की मांग उठ रही है तो कहीं नई प्रस्तावित पंचायत समितियों के विरोध के स्वर सुनाई दे रहे है।

10 दिन और आपत्तियां
पंचायती राज के परिसीमन को लेकर बीकानेर जिले में प्रस्तावित नई ग्राम पंचायतों व पंचायत समितियों पर आपत्तियां दर्ज करवाने की अंतिम तिथि 29 अगस्त है। अब इसमें दस दिन ही शेष रह गए है। आपत्ति की समय सीमा समाप्त होने के बाद दर्ज आपत्तियों की अगले पांच दिनों तक सुनवाई और उनका समाधान किया जाएगा।

यहां भी पड़ेगा असर
पंचायती राज में परिसीमन का असर जिला परिषद व पंचायत समितियों पर भी पड़ेगा। कई पंचायत समितियां व ग्राम पंचायतें टूटेगी तथा कई नई अस्तित्व में आएंगी। उनका असर कितना होगा। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। किंतु इतना जरूर तय है कि इस परिसीमन से जिला परिषद सदस्यों व पंचायत समिति के सदस्यों की सीटें जरूर प्रभावित होगी। हाला फिलाहल यह तो परिसीमन होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। जिला परिषद सदस्यों की सीटें बढऩे की पूरी संभावना है।

परिसीमन कांग्रेस प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्र में
पंचायती राज में परिसीमन को लेकर श्रीडूंगरगढ़ को छोड़ बीकानेर जिले में कांग्रेस प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्र में नई पंचायत समितियां प्रस्तावित की गई है। इनमें श्रीकोलायत पंचायत समिति को तोड़ हदां व बÓजू को नई पंचायत समिति तथा खाजूवाला पंचायत समिति को तोड़ छत्तरगढ़ व पूगल को नई पंचायत समिति बनाया जा रहा है। जबकि लूणकरनसर में 52 व बीकानेर पंचायत समिति में 5& ग्राम पंचायतें होने के बावजूद भी यहां नई पंचायत समिति का कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया है। गौरतलब है कि एक पंचायत समिति में कम से कम 25 ग्राम पंचायतों का होना अनिवार्य है।

जुटाने होंगे आवश्यक संसाधन
नई पंचायत समितियों व ग्राम पंचायतें बनने के बाद उनके भवन निर्माण से लेकर संचालन को लेकर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ आवश्यक संसाधन भी जुटाने पड़ेंगे। गौरतलब है कि पांच वर्ष पूर्व हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई नई पांचू पंचायत समिति का भवन पांच साल बीत जाने के बावजूद अभी तक नहीं बना है। हाल फिलहाल भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। सूत्रों की माने तो पंचायती राज चुनाव के बाद ही नया भवन पंाचू पंचायत समिति के सुपुर्द हो सकेगा।

यदि परिसीमन में अंतिम मुहर लगती है तो बीकानेर जिले में पंचायती राज की स्थिति कुछ इस प्रकार की होगी:
पंचायत समिति ग्राम पंचायतों की संख्या
नोखा 46
श्रीकोलायत 2&
हदां 20
खाजूवाला 24
पांचू &&
बÓजू 27
श्रीडूंगरगढ़ &0
लूणकरनसर 52
छत्तरगढ़ 21
पूगल 2&
ऊपनी 22
बीकानेर 5&