रामगढ़ में सबसे अधिक अवैध काश्त, जैसलमेर में कम

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तहसीलदारों ने भेजी उपनिवेशन आयुक्त को रिपोर्ट
बीकानेर। इंदिरा गांधी नहर परियोजना के उपनिवेशन क्षेत्र की जैसलमेर जिले की सात तहसीलों में सबसे अधिक रामगढ़ तहसील में अवैध काश्त के प्रकरण सामने आए हैं। हालांकि अन्य तहसीलों में भी अवैध काश्त हो रही है। पटवारियों ने गिरदावरी करके तहसीलदारों के माध्यम से उपनिवेशन आयुक्त को रिपोर्ट भेज दी है। बताया जा रहा है कि एक माह के भीतर फसल कुछ हद तक तैयार होने के बाद उपनिवेशन विभाग नष्ट करने की कार्रवाई करेगा।
उपनिवेशन की जैसलमेर, मोहनगढ़ तहसील संख्या एक-दो, रामगढ़ तहसील संख्या एक-दो, नाचना तहसील संख्या एक दो व बीकानेर जिले की गजनेर तहसील में सरकारी भूमि पर अवैध काश्त करने वालों पर कार्रवाई के लिए आयुक्त ने गत माह तहसीलदारों को निर्देश दिए थे। इसके तहत अवैध काश्त की गिरदावरी तैयार कराने को कहा गया था, जिसमें प्रथम बार अवैध काश्त से लेकर लगातार कई सालों से एक ही व्यक्ति द्वारा की जा रही अवैध काश्त की जानकारी शामिल है।
पुलिस से लेंगे सहयोग
उपनिवेशन आयुक्त ने जैसलमेर जिले के पुलिस अधीक्षक से अवैध काश्त के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस की नफरी उपलब्ध कराने को कहा था। अगले माह विभाग अवैध काश्त के खिलाफ पुलिस के सहयोग से कार्रवाई शुरू करेगा।
रामगढ़ में सबसे अधिक
उपनिवेशन की रामगढ़ तहसील संख्या एक-दो की गिरदावरी में सबसे अधिक अवैध काश्त के प्रकरण सामने आए हैं। यहां करीब साढ़े तीन सौ अवैध काश्त के प्रकरण मिले हैं, वहीं सबसे कम जैसलमेर तहसील में ५२ प्रकरण की रिपोर्ट आयुक्त को भेजी गई है।
बढ़ सकता है जुर्माना
लगातार अवैध काश्त करने वालों पर तीन गुना तवाम लगाने की प्रक्रिया में सुधार हो सकता है। विभाग जुर्माना राशि में वृद्धि कर सकता है, ताकि लगातार अवैध काश्त करने वालों पर अंकुल लगे। इसके साथ ही तीसरी बार अवैध काश्त करने वालों को तीन माह के कारावास की सजा सुनाने के लिए भी तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं।
पशुओं का भरेगा पेट
गत सालों में अवैध काश्त के नाम पर खड़ी फसल में ट्रेक्टर चलाकर विभाग फसल नष्ट करने की प्रक्रिया पूरी करता था लेकिन इससे फसल पूरी तरह से नष्ट नहीं होती थी। इस बार फसल में पशुओं को चराने का निर्णय किया गया है, ताकि फसल नष्ट होने के साथ ही पशुओं का पेट भी भर सके।