बीकानेर समेत दस रेलवे स्टेशनों पर लगेगी बोतल क्रशर मशीनें

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-सिंगल यूज प्लास्टिक बंद करने की रेलवे की विशेष पहल
11 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा अभियान
बीकानेर। रेल प्रशासन ने रेल परिसर व ट्रेनों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रहा है। सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन करने करने की दिशा में उत्तर पश्चिम रेलवे भी विशेष पहल कर रहा करना है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर एक बार उपयोग में आने वाली प्लास्टिक बोतल को नष्ट करने के लिए कई स्टेशनों पर बोतल क्रशर मशीनें लगाई गई हैं।
इन स्टेशनों पर लगी मशीनें
अजमेर, आबूरोड, जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, गांधीनगर जयपुर तथा अलवर, बीकानेर, लालगढ़, स्टेशनों पर बोतल क्रशर मशीनें लगाई गई है तथा पाली मारवाड़, बाड़मेर व नागौर स्टेशनों पर शीघ्र ही प्रारम्भ की जाएंगी। इसके अतिरिक्त 9 स्टेशनों पर 10 बोतल क्रशर मशीनें लगाने का कार्य स्वीकृत किया गया है। इसके साथ ही कचरे के निस्तारण के लिए सभी स्टेशनों पर पर्याप्त संख्या में डस्टबिन उपलब्ध करवाए गए हैं।

जयपुर-जोधपुर स्वच्छ स्टेशन
क्वालिटी काउन्सलिंग ऑफ इण्डिया की ओर से स्वच्छता सर्वे में किए गए प्रयासों से उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर स्टेशन पर स्वच्छता सर्वें में प्रथम व जयपुर स्टेशन द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। इन दोनों स्टेशनों को हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय की ओर से आयोजित स्वच्छता महोत्सव पुरस्कार में भी प्रथम व द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया है।
रेलवे स्वच्छता अभियान आज से
2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर रेलवे आमजन को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाता है। इसमें सभी की सहभागिता सुनिश्चित की जाती है। इस प्रकार के स्वच्छता अभियान से सभी लोग प्रेरित होते है। प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी रेलवे पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत 11 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा अभियान संचालित किया जाएगा।

यात्रियों को करेंगे जागरूक
इस अभियान में प्रमुख उद्देश्य सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करना है, जिसके बारे में रेल परिसर में आने वाले यात्रियों को इसके नुकसानों से अवगत करा कर जागरूक करना है। प्रथम दिन 11 सितम्बर को श्रमदान अभियान चलाकर विभिन्न स्थानों से प्लास्टिक वेस्ट को एकत्रित कर हटाना है।
प्रधानमंत्री का आह़्वान
सिंगल यूज प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग आज पर्यावरण के लिये खतरा बन रहा है। जिसके कारण बीमारियां तो बढ़ ही रही है साथ ही जमीन की उर्वरक क्षमता भी इसके कारण कम हो रही है। प्लास्टिक वेस्ट का दुष्प्रभाव जमीन, पानी तथा हवा तीनों पर पड़ता है। जिसके कारण इंसान व जानवर दोनों प्रभावित हो रहे है। प्लास्टिक से होने वाले नुकसानों को देखते हुए प्रधानमंत्री के आह्वान पर सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न किया जाएं।