बीकानेर – अनुबंध के बावजूद गोशाला में नहीं पहुंच रहे पशु

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-नगर निगम की गोशाला में पेड़ लगाने का टेंडर होने से कार्य हो रहा बाधित
बीकानेर। वर्षों की मशक्कत के बाद तैयार हुई नगर निगम की गोशाला में अब भी पशुओं का इंतजार हो रहा है। गाढ़वाला की गोशाला के साथ अनुबंध होने के बावजूद एक माह से यहां पशुओं को नहीं पहुंचाया जा रहा है। इसके पीछे बड़ा कारण गोशाला भूमि में पेड़ लगाने का एक टेंडर होना बताया जा रहा है। जिसके चलते गोशाला अनुबंधक को पशु रखने से मनाही की जा रही है। महापौर इसको लेकर आयुक्त से बात कर चुके हैं लेकिन ठेकेदार कार्यादेश का हवाला देकर पेड़ लगाने पर अड़ा हुआ है। स्थिति यह है कि गाढ़वाला गोशाला में भी पशुओं को नहीं ले जाया जा रहा है और निगम की गोशाला में पशुओं को ले जाने से रोका जा रहा है। ऐसे में शहरवासियों को आवारा पशुओं की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है।
सबका अपना-अपना तर्क
नगर निगम की गोशाला को तैयार करवाने में लाखों रुपए खर्च हुए हैं। महापौर इसको अपने कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं, वहीं नेता प्रतिपक्ष इसे कांग्रेसियों का प्रयास बता रहे हैं। उनका कहना है कि गोपाल गहलोत के प्रयासों से गोशाला के लिए भूमि मिली। वहीं निगम प्रशासन का कहना है कि तत्कालीन सरकार ने भूमि दी, जिसके लिए निगम स्तर पर व्यापक प्रयास हुए थे।
अनुबंधक व ठेकेदार में टकरार
गोशाला में पशुओं को रखने के लिए गाढ़वाला की गोशाला के कार्मिकों व निगम की गोशाला में टेंडर के माध्यम से पेड़ लगा रहे ठेकेदार के बीच टकरार चल रही है। करीब एक पखवाड़े से दोनों के बीच खींचतान के चलते पशुओं को पकडऩे का काम बंद है। ठेकेदार का कहना है कि उन्हें पेड़ लगाने का ठेका दिया गया है। यदि पशुओं को छोड़ा जाएगा, तो पेड़ नष्ट हो जाएंगे, वहीं गोशाला अनुबंधक का कहना है कि गोशाला में किनारों पर पेड़ लगाकर उसकी सुरक्षा की व्यवस्था होनी चाहिए। गोशाला परिसर पशुओं के लिए है। ऐसे में हर तरफ पेड़ लगाने से इसकी उपयोगिता खत्म हो जाएगी।
पशु बन रहे हादसों का कारण
करीब छह हजार पशुओं को गाढ़वाला की गोशाला में भेजने का दावा नगर निगम प्रशासन कर रहा है लेकिन अब भी शहर में हर गली-मोहल्ले में आवारा पशुओं का वैसा ही जमावड़ा नजर आ रहा है। गत सप्ताह भी आवारा पशु की चपेट में आने से एक युवक घायल हो गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई, वहीं एक अन्य महिला भी गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
दिए गए हैं निर्देश
नगर निगम की गोशाला में पशुओं को ले जाने के लिए गाढ़वाला की गोशाला से अनुबंध किया हुआ है लेकिन गोशाला में किसी ने पेड़ लगाने का ठेका कर दिया है। इस बारे में आयुक्त से बात की गई है तथा तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है। गोशाला में पेड़ लगाने का औचित्य समझ में नहीं आ रहा है।
नारायण चौपड़ा, महापौर, नगर निगम, बीकानेर।