न्यून बोर्ड परिणाम वाले स्कूलों का होगा सघन निरीक्षण

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डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं बोर्ड परीक्षा में न्यून परिणाम वाले सरकारी स्कूलों में सघन निरीक्षण शुरू किया जाएगा। हालांकि माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सत्र शुरू होने के साथ ही शैक्षिक उन्नयन की कार्य योजना तैयार कर जिला स्तरीय अधिकारियों को क्रियान्विति के निर्देश जारी कर दिए थे लेकिन अब तक क्रियान्विति कागजों में ही हो रही है। राजस्थान शिक्षा परिषद ने भी शैक्षिक उन्नयन की कार्ययोजना के दृष्टिगत जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रति सप्ताह तीन स्कूलों का सघन निरीक्षण कर प्रतिवेदन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों को न्यून परिणाम वाले सरकारी स्कूलों के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो निरीक्षण के दौरान शैक्षिक उन्नयन की कार्ययोजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।
ताकि कागजी योजना न रहे
परिषद के राज्य परियोजना निदेशक ने अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान फोटो व वीडियो क्लिप तैयार कर अपनी रिपोर्ट के साथ संलग्र कर भेजने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक निरीक्षण की अलग-अलग फोटो व क्लिप जरूरी है।
ऐसा इसलिए किया जाता है कि आमतौर पर कार्यालय में बैठे ही फलां स्कूल के निरीक्षण की रिपोर्ट भेज दी जाती है, जबकि वास्तविकता में स्कूल में शैक्षिक उन्नयन को लेकर कार्य ही नहीं हो रहा होता है। इस व्यवस्था से अधिकारियों का निरीक्षण में उपस्थित रहना अनिवार्य हो जाएगा।

भेजनी होगी रिपोर्ट

जिला स्तरीय अधिकारी सघन निरीक्षण के दौरान सुनिश्चित करेंगे कि उक्त विद्यालय में सत्र २०१८-१९ का बोर्ड परीक्षा परिणाम किस स्तर का रहा। यदि परिणाम न्यून रहा, तो शैक्षिक उन्नयन को लेकर स्कूल स्तर पर क्या प्रयास किए जा रहे हैं। यदि प्रयास नाकाफी नजर आते हैं या संसाधनों की कमी लगती है, तो अधिकारी अपनी रिपोर्ट में टिप्पणी के साथ अनुशंसा भी करेंगे।

आठवीं में ‘सी’ ग्रेड वाले विद्यार्थियों को मिलेगी कोचिंग
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की आठवीं की परीक्षा में सी ग्रेड से उत्तीर्ण होने वाले सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। परिषद ने जिला परियोजना कार्यालयों को इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पीईईओ स्तर पर गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषय की कोचिंग दी जाएगी। इसमें ग्राम पंचायत क्षेत्र के कक्षा नौ के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। कोचिंग विषय विशेषज्ञ के माध्यम से दी जाएगी। इसके लिए उन्हें सहयोग राशि परिषद की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से प्रतिवर्ष कमजोर विद्यार्थियों को तीन कठिनतम विषयों की कोचिंग की व्यवस्था की जाती है। आमतौर पर जनवरी के बाद कोचिंग शुरू होती है लेकिन इस बार परिषद ने दीपावली के बाद कोचिंग शुरू करने के निर्देश दिए हैं। ताकि बोर्ड विद्यार्थियों को भी परीक्षा से पूर्व समस्या ना हो।