बीकानेर – कांग्रेस-भाजपा दोनों ही पार्टियों की बागियों पर नजर, डेमेज कंट्रोल के प्रयास शुरू

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डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर

निकाय चुनावों को लेकर नाम वापसी का अंतिम दिन शुक्रवार तक है और उससे पहले दोनों ही दल बागियों को मनाने में जुट गए हैं। बागियों के साथ ही निर्दलीय होकर मैदान में मजबूती से ताल ठोकर कर पार्टियों का समीकरण बिगाड़ रहे उम्मीदवारों पर भी दोनों ही दलों के नेता नजर जमाए हुए हैं और उनके परिचितों और रिश्तेदारों के सहारे दबाव डालने का प्रयास शुरू हो गया है। हालांकि बगावत के मामले में भाजपा को ज्यादा डर सता रहा है। दरअसल भाजपा ने अपने २८ के करीब वर्तमान पार्षदों की टिकट काट दी। कई वार्डों में आरक्षण के चलते बदली स्थिति में भी उनके सुझाए नाम को दरकिनार किया गया। ऐसे में भाजपा में मजबूत दावेदारों को टिकट नहीं मिलने से ज्यादा नाराजगी है। कांग्रेस के मुकाबले भाजपा में कई वार्डों में ऐसे दावेदारों की संख्या ज्यादा थी। यही कारण रहा कि कई वर्तमान पार्षदों ने निर्दलीय ताल ठोक कर पार्टी के लिए परेशानी पैदा कर दी है। पार्षदों के साथ ही पूर्व पार्षदों ने भी टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर निर्दलीय मैदान में आकर अपनी पार्टी के लिए संकट पैदा कर दिया है।
पहले नहीं की सीधे मुंह बात, अब मनौव्वल के दरवाजे बंद
टिकट कटने वाले पार्षद और पूर्व पार्षदों में शामिल एक प्रत्याशी ने बताया कि हमारी पार्टी की निष्ठा पर सवाल खड़े करते हुए हमारे से टिकट वितरण के दौरान सीधे मुंह बात तक नहीं की गई और अब मैदान में उतरने के बाद पार्टी की दुहाई दी जा रही है।
पार्षद ताहिर ने अपनी पत्नी और पूर्व पार्षद बिलकिस बानो के साथ दो वार्डों में नामांकन भरा है। वहीं पार्षद भावना गहलोत और उनके पति पंकज गहलोत ने भी अलग अलग वार्ड से नामांकन दाखिल किया है। इसके अलावा पार्षद भगवती गौड़, पार्षद जमनलाल गजरा ने भी टिकट कटने के बाद निर्दलीय ताल ठोंकी है। वहीं पार्षद प्रतिनिधि श्रवण चौधरी और पूर्व पार्षद हेमेन्द्र भाटी ने भाजपा के लिए परेशानी खड़ी कर दी है।
कांग्रेस में इन्होंने बढ़ाई मुश्किलें
कांग्रेस में तीन पार्षदों शहाबुद्ीन भुट्टो, लक्ष्मी देवी, नंदकिशोर गहलोत के साथ ही ब्लॉक अध्यक्ष और पूर्व पार्षद रमजान कच्छावा ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर अपनी ही पार्टी के खिलाफ मैदान में ताल ठोक दी है। वहीं पूर्व पार्षद भंवरलाल साध ने भी दूसरी बार टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर पर्चा भरा है।