बीकानेर – पटाखे बजाकर चेताया जा रहा है लोको पायलट को

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-कोहरे के मौसम में रेल संचालन में संरक्षा के लिए विशेष प्रबन्ध
बीकानेर।
घने कोहरे में रेलगाडिय़ों के सुचारू संचालन के लिए डेटोनेटर यानि पटाखों के धमाके कर लोको पायलट को सावचेत किया जा रहा है। कोहरे के कारण दृश्यता कम रहती है और लोको पायलट को सिग्नल ग्रीन होने का पता नहीं चलता, इसलिए लोकोपायलट की सावचेती के लिए पटाखे बजाए जाते हैं।

बीकानेर और जयपुर मण्डल में ज्यादा कोहरा
उत्तर भारत में सर्दियों के मौसम में कोहरे की अधिकता के कारण मुख्यत: रेल यातायात भी प्रभावित होता है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर एवं बीकानेर मण्डल के रेलखण्ड कोहरे की अधिकता से प्रभावित रहते है। उपरोक्त खण्डो में रेल सेवाओं के सुरक्षित संचालन के लिए रेलवे ने विशेष अतिरिक्त प्रबन्ध किए है। सर्दी के मौसम में कोहरे की अधिकता के दौरान गाडी संचालन में संरक्षा एवं सुरक्षा को देखते उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा विशेष प्रंबध किए है। इनमें फोग सेफ डिवाइस चमकने वाले साईन बोर्ड, डेटोनेटर (पटाखें), नियमित पेट्रोलिंग एवं कर्मचारियों, अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
सुचारू संचालन के लिए आवश्यक प्रबन्ध
ट्रेनों के इंजनों में फाग सेफ डिवाइस का प्रावधान, कोहरे के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में चलने वाले रेल इंजनों पर फॉग सेफ डिवाइस मुहैया करवाने का प्रावधान, विभिन्न स्टेशनों पर पटाखे लगाने के लिए फॉग सिग्नल मैन की नियुक्ति की गई है। वहीं विभिन्न स्टेशनों व समपार फाटकों पर समुचित मात्रा में पटाखों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही सिग्नल साइटिंग बोर्ड, फोग सिग्नल मैन पोस्ट व फ्लैग स्टेशन बोर्ड पर मार्किंग करने तथा सिग्नल साइटिंग बोर्ड व समपार फाटक के बूम पर पेंट करना व चमकीले टेप की पट्टियां लगाना शामिल है। इसी प्रकार से प्रत्येक स्टेशन पर वीटीओ की उपलब्ध रहेगी। स्टस्ेशन मास्टर व सहायक मास्टर वीटीओ के माध्यम से पर्याप्त दृश्यता की जांच कर सकेंगे। ताकि वह यह निर्णय ले सके कि लोको पायलट को एप्रोच स्टॉप सिग्नल के स्थान के बारे में चेतावनी देने के लिए डेटोनेटर कब रखने हैं ।
ये भी किए गए है प्रबन्धन के उपाय
-सिंग्नल बोर्डो पर पुन: पेंटिंग ।
– रेल जोइन्ट्सों का निरीक्षण तथा लुब्रिकेशन निर्धारित मापदण्डों के अनुसार कर संरक्षा को सुनिश्चित करना।
– उन रेल खण्ड मार्ग की पुराने अनुभव के आधार पर पहचान करना जिन पर रेल फ्रेक्चर की सम्भावना अधिक रहती है। ऐसे रेलखण्डों पर विशेष ध्यान केन्द्रित करना।
– तापमान का नियमित रिकॉर्ड रखना।
– पटरियों के अनुरक्षण से सम्बन्धित सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करना।
-रात्रि समय में नियमित पेट्रोलिंग ।
-स्टेशन-यार्डों में पॉइंट व क्रॉसिंग का सघन निरीक्षण।
– समपार फाटकों पर गेटमैनों को विशेष निर्देश दिए गए है कि गाड़ी संचालन के समय गाड़ी संचालन के सभी नियमों को पूर्ण रूप से पालन करें। गाडिय़ों का समुचित चेकिंग सुनिश्चित करना ।
– रेलवे अधिकारियों एवं निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण कर संरक्षा एवं सुरक्षा को सुनिश्चित करना।
– अधिकारियों व पर्यवेक्षकों द्वारा रात्रि में औचक निरीक्षण किये जा रहे है। ताकि स्टॉफ मुस्तैदी को चैक किया जा सकें।