बीकानेर – आज बाल गायक थानु खान को मिलेगा ‘सीएलएफ अवार्ड’

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डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर

बच्चों में साहित्य के प्रति रुचि जागृत करने के उद्देश्य से देश का इकलौता चिल्ड्रन लिटरेचर फेस्टिवल (सीएलएफ) बुधवार से अंत्योदय नगर स्थित रमेश इंग्लिश स्कूल में शुरू हुआ। पहले ही दिन करीब साढ़े पांच सौ बच्चों ने इस साहित्य मेले में हिस्सा लिया। वो क्षण रोमांचक हो गया जब पूरा मैदान मंच बना और उपस्थित साढ़े पांच सौ बच्चे रंगकर्मी की भूमिका में आ गए। दरअसलए जोधपुर से आए युवा रंगकर्मी आशीष चारण के निर्देशन में इन बच्चों ने एक साथ नाटक खेला। अलग-अलग ग्रुप में बैठे एक दूसरे से अनजान बच्चों ने एक विषय का चयन किया और उस पर हाथों हाथ नाटक की ‘स्क्रिप्ट’ तैयार की। फिर एक-एक करके अपने डायलॉग बोल गए। अचानक मिली भूमिका को इन बाल कलाकारों ने इतनी सादगी और सरलता से पेश कर दिया कि उपस्थित लोग भी हतप्रभ थे। अब इन साढ़े पांच सौ बच्चों में से चयनित बच्चे समापन अवसर पर अपनी प्रस्तुति देंगे। चारण ने कहा कि बीकानेर के बच्चे ‘स्मार्ट’ हैं और रंगमंच के लिए अनुकूल है।
इससे पहले फेस्टिवल का उद्घाटन साहित्य अकादेमी नई दिल्ली के राजस्थानी भाषा संयोजक मधु आचार्य ‘आशावादी’ ने किया। उन्होंने कहा कि देशभर में बच्चों को साहित्य से जोडऩे का जिम्मा बीकानेर ने उठाया है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अंतर्मन को साफ करने की यह पहल किताबों के माध्यम से ही संभव है। दूसरी बार आयोजित यह ‘सीएलएफ ’ भविष्य में राष्ट्रीय स्तर का होगा क्योंकि इस बार भी इसमें राज्यभर से बच्चे आए हैं।
उद्घाटन सत्र में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) उमाशंकर किराडू ने कहा कि बच्चों में सृजनात्मकता होती है लेकिन उसे उभारकर सामने लाने का प्रयास जरूरी है। उन्होंने सीएलएफ के आयोजन को सार्थक बताया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुसवाणी माता मंदिर ट्रस्ट के मंत्री व भाजपा नेता मोहन सुराना ने कहा कि बच्चों के साथ होने वाली रचनात्मकता ही इस देश के भविष्य को बनाने का असल काम है। इस मौके पर रोटरी क्लब के उपाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, रोट्रेक्ट क्लब के लविश शर्मा, व्याख्याता प्रकाश आचार्य आदि ने भी विचार रखे। आयोजन सचिव सेणुका हर्ष ने कहा कि यह आयोजन लगातार अपना स्तर बढ़ाता जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए हरीश बी. शर्मा ने तीन दिन की रूपरेखा रखी।

बाल फिल्म निर्देशक इरा टाक और वरिष्ठ कार्टूनिस्ट चंद्रशेखर हाडा आज आएंगे

गुरुवार को दूसरे दिन बाडमेर के बाल गायक थानु खान को ‘सीएलएफ अवार्ड’ दिया जाएगा। नोखा के विवेकानन्द एज्यूकेशन संस्थान की ओर से थानु खान को ग्यारह हजार रुपए का नगद पुरस्कार, ट्राफी व शॉल भेंट किया जाएगा। विद्यालय निदेशक अनूप रंगा ने कहा कि थानु खान राजस्थान का गौरव है। गुरुवार को ही बाल फिल्मों की निर्देशक इरा टाक और देश के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट चंद्रशेखर हाडा का भी सत्र होगा।


रचनात्मक लेखन पर बच्चों का संवाद

तीसरे सत्र में बच्चों ने कहानी, कविता, निबंध लेखन पर साहित्यकारों के साथ सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने साहित्यकार प्रमोद चमौली के निर्देशन में इरशाद अजीज, नगेंद्र किराडू, सीमा भाटी, ऋतु शर्मा और गौरीशंकर प्रजापत ने विचार रखे। इस मौके पर विद्यालय निदेशक अमिताभ हर्ष ने अतिथियों का स्वागत किया।

पुस्तक मेला बना आकर्षण का केंद्र

सीएलएफ के साथ ही चल रहे पुस्तक मेले ने बच्चों को सर्वाधिक आकर्षित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में बच्चों को पुस्तकें निशुल्क भी दी गईए वहीं अनेक बच्चों ने पुस्तकें खरीदी भी। पुस्तक मेले में हिन्दी, अंग्रेजी व राजस्थानी के साहित्यकारों की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई है। जिसमें बच्चों के अलावा अभिभावकों ने भी खरीदारी की।