अब पुराने पेंशनरों की तरह मिलेगी मेडिकल सुविधाएं

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डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर

केन्द्र सरकार ने वर्ष 2004 के बाद लगने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की पेंशन बंद करने के साथ ही इनको पुराने पेंशनरों के समान मिलने वाली मेडिकल सेवाओं को भी बंद कर दिया था। किंतु अब उक्त समयावधि के बाद लगे या लगने वाले अधिकारियों व कार्मिकों के लिए अच्छी खबर है। इनको भी पुराने पेंशनरों के समान मेडिकल सुविधाएं मिलेगी। इसको लेकर राज्य सरकार इनकी मेडिकल सुविधाओं को शुरु करने जा रही है। इन कर्मचारियों की मेडिकल सुविधाएं अब 2004 से पहले वाले कर्मचारियों के बराबर कर दी जाएगी। इसके लिए सरकार 2004 के बाद वाले कर्मचारियों को राजस्थान मेडकल रुल्स के दायरे में लाया जा सकेगा।

अनावश्यक खर्च, फिर भी लाभ नहीं

मेडिक्लेम के तहत भी सरकार ही कार्मिकों को इलाज पर हुए खर्च का पुनर्भुगतान करती हैं। इस व्यवस्था में टीपीए को हायर कर उस पर अनावश्यक खर्चा किया जा रहा एवं कार्मिकों को चिकित्सा लाभ भी नहीं मिल रहा है। मेडिक्लेम व्यवस्था राजकीय कार्मिकों के हितों के अनुरुप नहीं हैं एवं टीपीए पर अनावश्यक राजकीय व्यय भी हो रहा है।

मासिक कटौती पर मिलेगी सुविधा

राजस्थान मिनिस्टिरियल एम्पलाई एसोसिएशन के संयोजक सत्यवीर जैन की ओर से राज्य बीमा एवं प्रावधायी विभाग से अनुरोध किया कि राजकीय सेवा में उक्त तिथि के बाद नियुक्त अधिकारियों, कार्मिकों से राजस्थान पेंशनर्स मेडिकल फंड की तर्ज पर एक जनवरी 2004 के बाद राजकीय सेवा में नियुक्त अधिकारी, कार्मिकों से वेतन अनुसार प्रतिमाह मासिक कटौती कर उन्हें सभी प्रकार की ओपीडी/ आईपीडी पुनर्भुगतान मेडिकल सुविधा मुहैया कराने की मांग की थी। जिसको राज्य सरकार ने स्वीकार करते हुए अतिरिक्त निदेशक, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधी विभाग जयपुर की ओर से राज्य सरकार को प्रस्तावों के अनुमोदन के लिए प्रेषित किया है। प्राप्त जानकारी अनुसार वित्त विभाग ने इसे स्वीकार करते हुए उच्च स्तर पर निर्णय के लिए प्रेषित किया गया है।

अब मिलेगी मेडिकल सुविधाएं

सरकार में 2004 से पहले भर्ती कार्मिकों को मेडिकल सुविधाओं के नाम पर इंडोर एवं आउटडोर इलाज पर होने वाले खर्च का पुनर्भरण व सेवानिवृत होने पर राजस्थान पेशन मेंडिकल फंड के जरिए इंडोर एवं आउटडोर पर हुए खर्च का सरकार पुर्नभरण करती है। सरकार की राजकीय सेवा में एक जनवरी 2004 के बाद नियुक्त कार्मिकों को समस्त तरह के चिकित्सा परिलाभ नहीं मिल रहे हैं। वर्तमान में सिर्फ भर्ती होने पर ही एक जनवरी 2004 को मेडिक्लेम के तहत कार्मिकों को चिकित्सा सुविधाए मिल रही है। जिसमे भी कई प्रकार की खामियां होने के कारण हजारों कोर्मिकों को इस चिकित्सा व्यवस्था से वचिंत है।