10 फिसदी आरक्षण का प्रमाण-पत्र बनाना पड़ेगा दोबारा, पढ़ें पूरी खबर

133

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर

केन्द्र सरकार के बाद रा’य सरकार ने भी आर्थिक आधार पर पिछड़े लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण दे दिया है तथा इस 10 फीसदी आरक्षण का लाभ लेने के लिए पात्र युवाओं के प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया भी शुरु हो गई है। किंतु साल के अंतिम समय में इस प्रमाण-पत्र बनाने वालों को उस वक्त मासूयी का सामना करना पड़ा जब उनके हाथों में प्रमाण-पत्र पहुंचा। इस प्रमाण-पत्र में स्पष्ट रुप से अंकित है कि मार्च माह तक ही इस प्रमाण-पत्र की वेल्यु है। अगले वित्तीय वर्ष में इसी प्रमाण-पत्र को फिर नए सिरे से बनाना होगा। जिसके चलते उनको उसी प्रक्रिया से फिर से गुजरना पड़ेगा तात्पर्य यह है कि किसी एक वित्तीय वर्ष में किसी की आर्थिक स्थिति बदलने वाली नहीं है। ऐसे में यदि नौकरी सहित विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी परीक्षा में इसका लाभ लेना है तो मार्च पूरा होने के बाद फिर से नया प्रमाण-पत्र बनाना ही पड़ेगा।

ई-मित्र संचालकों की बल्ले-बल्ले

आर्थिक रुप से पिछड़े लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण प्रमाण-पत्र बनाने को लेकर रा’य सरकार ने अप्रेल से मार्च तक ही इस प्रमाण-पत्र की मियाद निर्धारित कर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। परोक्ष व अपरोक्ष रुप से आपको यह प्रमाण-पत्र बनाने के लिए ई-मित्र संचालकों के पास जाना पड़ेगा। गौरतलब है कि इस प्रमाण-पत्र को बनाने के लिए सारी औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद ई-मित्र संचालकों के माध्यम से आवेदन ऑनलाइन करना होगा। जिसमें आवश्यक दस्तावेजों की फोटो कॉपी के अलावा प्रमाण-पत्र बनाने पर न्यूनतम 120 रुपए का खर्च होता है।

काटने पड़ेंगे फिर चक्कर

दस फीसदी आरक्षण का प्रमाण-पत्र बनाने के लिए गरीब को अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों के चक्कर फिर लगाने पड़ेंगे। हालांकि एक बार प्रमाण-पत्र बनाने के बाद प्रक्रिया उतनी अधिक जटिल नहीं है। फिर भी प्रमाण-पत्र के लिए संबसंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधि यों के पास जाना पड़ेगा।

यह है प्रक्रिया

दस फीसदी आरक्षण प्रमाण-पत्र बनाने के लिए नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर फॉर्म निकलवाना पड़ेगा। उसके बाद फॉर्म को भरने के बाद दो उत्तरदायी अधिकारियों या एक उत्तरदायी अधिकारी/स्थानीय जनप्रतिनिधि से प्रमाणित करवाना होगा। उसके बाद फिर से ई-मित्र पर संबंधित वेबसाइट पर फॉर्म को ऑनलाइन करवाना होगा। एक बार में बन जाए तो ठीक। अन्यथा किसी प्रकार की आपत्ति होने पर उसको फिर से दुरुस्त करानी होगी। उसके बाद आपके पास मैसेज आएगा और उसी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर प्रमाण-पत्र लेना होगा।