रोजगार कार्यालय मॉडल करियर सेन्टर के रूप में विकसित

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बीकानेर। बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने तथा उनमें स्किल क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने देश के सभी जिला व क्षेत्रीय पंजीयन एवं रोजगार कार्यालयों को करियर सेन्टर के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। केन्द्र सरकार के निर्णय व ऐसी मंशा के मुताबिक प्रदेश के कई जिला रोजगार कार्यालय मॉडल करियर सेन्टर के रूप में विकसित हो चुके है। जिनमें बीकानेर का रोजगार कार्यालय भी शामिल है। जबकि कई स्थानों पर इस दिशा में काम चल रहा है।
केन्द्र सरकार ने इसको लेकर राजस्थान सरकार को करीबन 50 करोड़ रूपए का बजट भी दिया था। जिला रोजगार एवं पंजीयन अधिकारी हरगोविन्द मित्तल के मुताबिक प्रदेश के बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर सहित सभी संभाग मुख्यालयों पर रोजगार कार्यालयों को मॉडल करियर सेन्टर के रूप में विकसित करने का काम पूर्ण हो चुका है। जबकि शेष जिलों में भी रोजगार कार्यालय को मॉडल करियर सेन्टर के रूप में विकसित करने का काम चल रहा है।
हाइटेक हुए कार्यालय
आधुनिक तकनीक के बढ़ते कदम में अब जिला पंजीयन एवं रोजगार कार्यालय भी केन्द्र सरकार के इस निर्णय से हाइटेक होने लगे है। कभी दशकों पुरान भवनों में संचालित हो रहे ये रोजगार कार्यालय भी तकनीकी दौड़ में शामिल हो गए है। कभी पंजीयन करवाने तथा अपनी रोजगार की स्थिति के बारे में जानने के लिए घंटों इंतजार करने से अब युवाओं को निजात मिल सकेगी। वे ऑनलाइन पर अपने पंजीयन व रोजगार की स्थिति देख सकेंगे।
33 लाख से कायाकल्प
बीकानेर के क्षेत्रीय पंजीयन एवं रोजगार कार्यालय में स्थानाभाव के चलते आवंटित की गई 33 लाख रूपए की लागत से वर्तमान कार्यालय के ऊपर दूसरी मंजिल में आधुनिक व हाइटेक बनाया गया है। अब यह कार्यालय पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत हो चुका है। जिसके कारण बीकानेर सहित पूरे प्रदेश के रोजगार, रोजगार संबंधी सूचनाएं, बेरोजगारी भत्ता सहित सभी सूचनाएं कम्प्यूटरीकृत व ऑनलाइन हो गई है।
कोटा में नया भवन
मॉडल करियर सेन्टर के रूप में विकसित करने के लिए आवंटित की गई राशि से कोटा संभाग मुख्यालय पर नया भवन बनाया गया है। ये भवन पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। जिसमें कम्प्यूटर के एक बटन दबाने के साथ रोजगार संबंधित सभी सूचनाएं सामने होगी। कमोबेश ऐसी ही स्थिति हनुमानगढ़ जिले के रोजगार कार्यालय की है। यहां भी जिला रोजगार कार्यालय के लिए नया भवन बनाया जा रहा है।
बेरोजगारी भत्ते पर लगे ब्रेक
विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस ने सत्ता में आने पर बेरोजगार युवकों को तीन हजार व युवतियों को साढ़े तीन हजार रूपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की थी। किंतु सरकार के आने के बाद और अब लोकसभा चुनाव के चलते बेरोजगारी भत्ते पर ब्रेक लग गए है। बीकानेर सहित पूरे प्रदेश में कांग्रेस सरकार की घोषणा के मुताबिक हाल-फिलहाल 1.32 लाख बेरोजगार ही इसका लाभ उठा पा रहे है।