बीकानेर शहर में बिजली खपत का रिकॉर्ड टूटा, एक माह में तीस लाख यूनिट, पढ़ें पूरी खबर

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– क्षमता से ज्यादा लोड पर काम कर रहा है बिजली तंत्र, समस्या निराकरण शिविर में भी कम वोल्टेज की आईं शिकायतें
बीकानेर। शहर में इस बार गर्मियों में बिजली खपत का रिकॉर्ड टूट गया। जुलाई में पहली बार बिजली की खपत रोजाना 30 लाख यूनिट तक पहुंच गई है जबकि पिछले साल इसी महीने यह खपत 25 लाख यूनिट ही थी। बीकेईएसएल उपभोक्ताओं को अच्छी सेवा देने के लिए मौजूदा विद्युत तंत्र को पूरे प्रयास कर हैंडल कर रही है।
एक माह में तीस लाख यूनिट बिजली खपत
बीकेईएसएल के सीओओ शान्तनू भट्टाचार्य ने बताया कि इस साल जुलाई में पहली बार बिजली खपत प्रतिदिन 30 लाख यानि 170 मेगावाट तक पहुंच गई है जबकि इसी साल अप्रेल में 23 लाख, मई में 26 लाख व जून में खपत 29 लाख थी। शहर का मौजूदा विद्युत तंत्र इस 170 मेगावाट खपत को सहन करने लायक नहीं है, ऐसी स्थिति में आमतौर पर बिजली कम्पनियां बिजली कटौती षुरू कर देती हैं लेकिन बीकेईएसएल के इंजीनियर बिजली कटौती की बजाय 90 से 100 मेगावाट तक लोड को झेल सकने वाले विद्युत तंत्र को हैंडल कर रहे हैं। वैसे भी सामान्य दिनों में बिजली खपत 90 मेगावाट ही रहती है। क्षमता से अधिक खपत होने से शहर के कई हिस्सों में कम वोल्टेज व वोल्टेज के उतार-चढाव की षिकायतें आ रही है, यह स्थिति अस्थाई है और कुछ दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
कम्पनी कार्रवाई कर रही है
भट्टाचार्य ने बताया कि वोल्टेज के उतार-चढाव की समस्या का कारण खराब मौसम या फिर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से लाइनों से सीधे बिजली लेना व स्वीकृत लोड से अधिक उपयोग करना है। ऐसी सभी जगहों पर यथाशीघ्र आवश्यक कार्रवाई के तहत ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाना और लाइनों को सुदृढीकरण शामिल है। जहां-जहां कॉपर व एल्युमिनियम के तारों का मिलान है वहां भी वोल्टेज के उतार चढाव की समस्या ज्यादा है, इस समस्या को देखते हुए बीकेईएसएल उस जगह के मिश्रित तार बदल रही है।
शिविर में आई नौ शिकायतें
बीकेईएसएल की ओर से उपखण्ड डी-4 व डी-5 के उपभोक्ताओं की समस्याओं के निराकरण के लिए पुराने रोशनीघर स्थित सहायक अभियन्ता कार्यालय में शिविर लगाया गया, जहां नौ उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याएं बताईं। इनमें बिलिंग सम्बंधी आई चारों समस्याओं का मौके पर समाधान कर दिया गया जबकि पांच तकनीकी समस्याओं में से तीन कम वोल्टेज सम्बंधी थी जिनका निराकरण सात दिनों में किया जाएगा।