निजी नलकूपों को किया जाएगा अधिग्रहित

बीकानेर। नहरबंदी के दौरान बीकानेर के जलाशयों में उपलब्ध पानी की मात्रा के लगातार घटती जा रही है। जिसके चलते अगले पन्द्रह दिनों तक संभावित पेयजल संकट के मध्यनजर जिला प्रशासन अब निजी नलकूपों को अधिग्रहित करने जा रहा है। नहरबंदी के दौरान इन नलकूपों का जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से भरपूर उपयोग कर लोगों को गर्मी के मौसम में पेयजल समस्या से छुटकारा दिलाने की दिशा में काम चल रहा है। इसको लेकर रविवार को जिला कलक्टर ने जलदाय विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए है।
…तो होगा अधिग्रहण
अगर पानी की आपूर्ति को बढ़ाने की जरूरत पड़ी तो निजी ट्यूबवेल को अधिग्रहित करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। सभी अभियंताओं से अपने क्षेत्र के निजी नलकूपों की सूचना मांगी गई है। टैंकरों द्वारा पानी की सप्लाई की जाती है। उनको विभाग द्वारा अधिग्रहण करते हुए प्रति टैंकर दर निर्धारित की जाए। यह दर अधिकतम 350 रूपये प्रति टैंकर तक सीमित हो।
जलाशयों में पानी की स्थिति
नहरबंदी 31 मार्च को प्रभावी हुई थी। उसके बाद से लोगों को 48 घंटे के अन्तराल पर पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। 1500 एमएल के बीछवाल स्थित जलाशय में नहरबंदी से पूर्व जल स्तर 6.50 मीटर था। जो कि रविवार तक 4.90 मीटर रह गया। प्रतिदिन इस जलाशय से 35 मिलियन लीटर पानी वितरित हो रहा है। 30 अप्रेल तक इसमें जल स्तर 0.85 मीटर रह जायेगा। जो कि डेड स्टोरेज है।
जबकि इतनी ही क्षमता वाले शोभासर जलाशय में नहरबंदी से पूर्व पानी का लेवल 5.50 मीटर था। जो कि रविवार तक 5 मीटर रह गया है। इसी गणनानुसार 30 अपै्रल तक जल वितरण पश्चात इसका जलस्तर लगभग 1 मीटर रह जायेगा। इस प्रकार उक्त जलाशयों से 30 अप्रैल तक ही पेयजल आपूर्ति किया जाना संभव होगा।
पांच अभियंताओं के प्रतिनियुक्ति के आदेश
पेयजल की सुचारू व्यवस्था के लिए जलदाय विभाग को अन्य विभागों से अस्थाई तौर पर अभियंता प्रतिनियुक्त कर दिए हैं। इसके तहत रविवार को ही 5 अभियंताओं की सेवाएं अधीक्षण अभियंता पीएचईडी को दी गई हैं। इनमें 3 अभियंता आरयूआईडीपी तथा 03 अभियंता नगर विकास न्यास के हैं। जलदाय विभाग को अगले 2 दिनों में और अभियंता उपलब्ध करवाए जाएंगे ताकि शहर में पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहे।
विद्युत निगम करें सहयोग
कलक्टर के निर्देश पर अभियंताओं को 20 दिनों के लिए प्रतिनियुक्ति पर उपलब्ध करवाए की हिदायत दी। दूसरी ओर जलदाय विभाग को नहरबंदी के दौरान हो रही पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के बारे में विद्युत निगम व कम्पनी को जानकारी देकर उनका पूरा सहयोग लेने के निर्देश दिए है ताकि निर्धारित समय में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने में किसी भी प्रकार की कोई बाधा न हो। कलक्टर ने पानी की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था तथा गर्मी को देखते हुए बढ़ती पेयजल समस्या की समीक्षा की।

‘पेयजल आपूर्ति के वितरण व्यवस्था, लीकेज को दुरस्त करने के लिए अन्य विभाग के अभियंताओं को प्रतिनियुक्ति पर लगाया गया है। वर्तमान में व्यवस्था सुचारू है। किंतु आवश्यकता पड़ी तो निजी नलकूपों का अधिग्रहण तथा उनसे पानी का दोहन कर अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पानी पहुंचाने के निर्देश विभाग को दिए गए है।Ó
कुमारपाल गौतम, जिला कलक्टर