बीकानेर – असहायों की भूख मिटाता है ‘रोटी बैंक’

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जयनारायण बिस्सा. बीकानेर
कहने को तो आज हमारा देश विश्वगुरु बनने की राह पर अग्रसर है, पर एक सच्चाई यह भी है कि आज भी हमारे देश में प्रतिदिन लाखों लोगों को भोजन के आभाव में भूखे सोना पड़ता हैं, और इस सच्चाई का दूसरा पक्ष यह भी है कि हम भारतीय जितना भोजन बर्बाद करते हैं अगर वो सही व्यक्ति के थाली तक पहुँच जाये तो शायद हीं हमारे देश की किसी को भूखा सोना पड़े। इसी सोंच को आगे बढ़ाते हुए शहर के युवा मो इकबाल ने शुरू किया रोटी बैंक।
हालात ने दी सीख
इकबाल बताते है कि एक समय ऐसा भी देखा जब वे खुद रोटी के लिये तरसे। तभी उन्होंने इस बात को गांठ बांध लिया। सभी को रोटी मान सम्मान से मिले,किसी को रोटी के लिये हाथ न फैलाना पड़े। इसी भावना से 4 दिसम्बर 2016 को रोटी बैंक की स्थापना की। इसके लिये इकबाल को उनके पिता सलाïऊद्दीन व मां शाबिरा से प्रेरणा मिली।
लोगों के सहयोग से असहायों की भूख मिटाता है
वैसे लोग जो दो वक्त की रोटी जुटाने में सक्षम नहीं है,वहीं पीबीएम अस्पताल के सामने रोटी बैंक आकर अपनी भूख मिटाते हैं। प्रति दिन 150-200 गरीबों और असहायों की भूख मिटाने वाली रोटी बैंक सुबह खुलता है। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक रोटी बैंक में जरूरतमंदों का सम्मान के साथ रोटी खिलाई जाती है। इतना ही नहीं अगर कोई अपने रिश्तेदार के लिये खाना ले जाना चाहता है तो उसे खाना पैक कर देने की व्यवस्था भी कर रखी है।यह अनोखा भोजन बैंक मो इकबाल आर्थिक सहयोग व खुद के पैसे से चलाते हैं। इस नेक कार्य में सहयोग करने वाले वैसे लोग भी शामिल हैं जो अपने माता- पिता की पुण्यतिथि अपने शादी की सालगिरह या फिर अपने या अपने बच्चों के जन्म दिवस को यादगार बनाने के लिए दान स्वरुप भोजन या भोजन सामग्री या फिर आर्थिक रूप से सहायता करते हैं।