भारत से गर्भनिरोधक गोलियां अमेरिका लाने वाली यूरोपीय कंपनियों पर की जाए कार्वाई: एफडीए

वॉशिंगटन, अमेरिका में 117 सांसदों ने अमेरिका फूड एंड ड्रग एडमिनिट्रेशन (एफडीए) से अपील की है कि वह रासायनिक गर्भनिरोधक दवाइयां भारत से अमेरिका भेजने वाली यूरोप की कंपनियों के खिलाफ कार्वाई करे।
सांसदों ने कार्यवाहक एफडीए आयुक्त नोरमन शार्पलेस को लिखे पत्र में कहा कि एड एक्सेस जैसी यूरोपीय कंपनियां एफडीए की सुरक्षा अनिवार्यताओं की अवहेलना कर रही हैं और महिलाओं एवं उनके बच्चों के जीवन को जोखिम में डाल रही हैं।
कांग्रेस के दोनों दलों के सांसदों द्वारा 10 मई को लिखे गए पत्र में शार्पलेस से अपील की गई है कि वह अमेरिकी उपभोक्ताओं को रासायनिक गर्भनिरोधक दवा माइफप्रेक्स का मेल ऑर्डर के जरिए मुहैया करने वाली दो विदेशी कंपनियों एड एक्सेस और राब्लन के खिलाफ कार्वाई करें।
पत्र में शार्पलेस से अपील की गई है कि वह एड एक्सेस और मेल ऑर्डर के जरिए गर्भनिरोधक दवाएं मुहैया कराने वाली अन्य कंपनियों की अवैध गतिविधियां रोकने के लिए कदम उठाएं।
माइफप्रेक्स के पास एफडीए की मंजूरी है, लेकिन स्वास्थ्य सेवा प्रदाता ही मरीजों को यह दवा दे सकते हैं। यह खुदरा मेडिकल स्टोरों और कानूनी रूप से इंटरनेट पर उपलब्ध नहीं हैं।