बीकानेर – असहायों की भूख मिटाता है ‘रोटी बैंक’

जयनारायण बिस्सा. बीकानेर कहने को तो आज हमारा देश विश्वगुरु बनने की राह पर अग्रसर है, पर एक सच्चाई यह भी है कि आज भी हमारे देश में प्रतिदिन लाखों लोगों को भोजन के आभाव में भूखे सोना पड़ता हैं, और इस सच्चाई का दूसरा पक्ष यह भी है कि हम भारतीय जितना भोजन बर्बाद करते हैं अगर वो सही...

लाखों का निवेश देने वाला बीकानेर का दिव्यांग, चंद रूपयों को तरस रहा, पढ़ें पूरी खबर

-पांच भाइयों में चार दिव्यांग, फिर भी जी रहे थे बाबू सिंह के भरोसे, -काम छूटा तो भाइयों का दम भी टूटा, आज अकेला लड़ रहा जीवन से अनुराग हर्ष. बीकानेर कभी बीकानेर से श्रीकोलायत के रास्ते में आपने इस इंसान को देखा होगा। नहीं देखा है तो आज देख लीजिए, देखिये भी जरा गौर से। यह वो इंसान है जिसके...

शास्त्रों से जोड़ता एक अनूठा ‘समर कैम्प’

बीकानेर। गर्मी की छुट्टियों में लगने वाले समर केम्प आजकल के बच्चो का शौक़ है तो माता पिता के लिए भी टशन है। कोई डांस सीख रहा है तो कोई स्केटिंग सीख रहा है। इसके विपरीत धर्मनगरी बीकानेर में ऐसे युवा भी है जो संस्कृति की रक्षा के लिए काम कर रहे हैं। समर केम्प तो इन्होंने भी लगाया...

मेडिकल प्रवेश का माध्यम बन रहा बीकानेर

डीएनआर रिपोर्टर.बीकानेर मेडिकल और इंजीनियरिंग की राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय संस्थाओं में प्रवेश के लिए मशक्कत कर रहे बच्चों के लिए बीकानेर भी मुख्य केंद्र के रूप में स्थापित होता जा रहा है। हालांकि इस काम का शिद्दत के साथ इक्का-दुक्का संस्थान ही कर पा रहे हैं। एक ओर जहां प्रदेश के कोटा और सीकर में बड़ी कोचिंग संस्थाओं में लाखों...

वंचितों को पुन: शिक्षा से जोडऩे का जज्बा

बीकानेर। सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा... शिक्षा विभाग के इसी मूल मंत्र को आगे बढ़ा रहा है बीकानेर का शिक्षक हुकमचंद चौधरी। परिस्थितिवश जो लोग शिक्षा पूर्ण नहीं कर पाए और जिनको पढ़ाई बीच में ही छोडऩी पड़ी, फिर परिवार व समाज की जिम्मेदारियों ने जिन्हें अपने बारे में सोचने का मौका ही नहीं दिया। ऐसे ही लोगों को प्रेरित...

बीकानेर – बेटे की याद में सच्चा पर्यावरण सरंक्षण

-विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष बीकानेर। जिस तरह से आधुनिक जीवन में पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है उसके बाद पर्यावरण सरंक्षण को लेकर सरकार के साथ सामाजिक संगठन भी आगे आए हैं। हालांकि कई बार सरकारी स्तर पर पर्यावरण दिवस लोगों को पर्यावरण सरंक्षण के प्रति जागरुकता को लेकर आयोजन होते हैं। लेकिन कई बार ये आयोजन महज औपचारिकता...

बीकानेर – सरकारी कार्यालयों का कटला, देश का पहला ऐसा कटला

-अजय सिंह पंवार-बीकानेर। कटला शब्द का नाम आते ही जहन में सीधे-सीधे कई दुकानों वाले बाजार की छवि उभर आती है, किंतु बीकानेर में एक कटला ऐसा भी है जो कटला के नाम से जाना जाता है, किंतु उसमें कोई दुकान नहीं है। यहां हम बात कर रहे है बीकानेर के...

आरजे रजत ने रुकवाया बाल विवाह

बीकानेर। रेडियो सिटी के आरजे रजत के प्रयासों से नोखा में बाल विवाह के प्रयास को रोका गया। एफएम स्टेशन रेडियो सिटी ने अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने का अभियान शुरू किया था। इसी के तहत बीकानेर के नोखा से अज्ञात व्यक्ति ने फोन करके आरजे रजत को इस आशय की जानकारी दी थी। इसके बाद रजत ने...

बीकानेर का एक ऐसा बंदा जिसने जिंदगी दूसरों के नाम कर दी…

सुबह सवेरे पांच बजे वो घर से निकल जाता है, उसके कदम सीधे पीबीएम अस्पताल की ओर बढ़ते हैं। पहले शिशु अस्पताल, फिर जनाना होते हुए मुख्य अस्पताल में घूमकर अधिकांश हिस्सों में पहुंचता है। कहीं कोई परेशान मिलता है तो उसकी सुनता है, समस्या का निराकरण करवाता है, फिर आगे निकल जाता है। अब तक दो सौ से...

बीकानेरियत – परिंदों की प्यास बुझाने का अनूठा टशन

बीकानेर। वो दिन में अपना पेट पालने के लिए दफ्तर जाता है और उसके बाद पशु पक्षियों का पेट पालने की जुगत में निकल पड़ता है। तपता सूरज उसके इरादों को कमजोर करने के बजाय मजबूत करता है, पेड़ों की छांव उसे अपना नहीं पक्षियों का आसरा नजर आता है। वो नाम से भी 'उदयÓ है और कर्म से भी...