पाठ्यक्रम में बदलाव कर राजस्थान के इतिहास का अपमान किया जा रहा है : पूर्व विधायक

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जयपुर,  राजस्थान में स्कूली पाठ्यक्रम की किताबों में वीर सावरकर व महाराणा प्रताप के बाद अब सती तथा जौहर प्रथा और नोटबंदी से जुड़े तथ्यों में कथित बदलाव को लेकर कांग्रेस व भाजपा आमने सामने हैं। पूर्व विधायक दीयाकुमारी ने सरकार के कदमों पर आपत्ति जताते हुए इसे राजस्थान के इतिहास का अपमान बताया है।
दरअसल राज्य की नई कांग्रेस सरकार ने पाठ्यक्रम में जो बदलाव प्रस्तावित किए हैं उसके तहत आठवीं कक्षा में अंग्रेजी की किताब के पहले अध्याय में रानी पद्मावती व अन्य महिलाओं के जौहर का एक चित्र था जिसे हटाकर उसकी जगह केवल दुर्ग का चित्र लगाया गया है। भाजपा ने इसे सतीत्व का अपमान बताया है।
दीयाकुमारी ने ट्विटर पर लिखा है, राजस्थान में कांग्रेस सरकार द्वारा पाठ्यक्रमों में बदलाव से पहले वीर सावरकर और अब शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप व सतीत्व की सर्वाेच्च उदहारण रानी सती का अपमान करना वीरों की भूमि राजस्थान और हमारे सुनहरे इतिहास का अपमान करना है।
पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने ट्विटर पर लिखा है, जिसे सती प्रथा और जौहर में अंतर का ज्ञान नहीं है वह शिक्षा मंत्री रहने के योग्य नहीं।
वहीं स्कूली शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, दीयाकुमारी कल तो सती की बात कर रही थीं, अब वह जौहर और सती के अंतर का सवाल उठा रही हैं। सती प्रथा प्रतिबंधित है तो जौहर का अंग्रेजी की किताब में क्या मतलब? यह कहीं भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह चित्र जौहर का है या सती प्रथा से जुड़ा है।
इस बीच करणी सेना और श्री राजपूत करणी सेना ने भी पाठयक्रम में कथित बदलाव का विरोध किया है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान की नई कांग्रेस सरकार ने दसवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की किताब में आरएसएस विचारक विनय दामोदर सावरकर से जुड़े पाठ में उनके नाम के आगे से वीर हटा दिया है। दिसंबर में जब गहलोत सरकार बनी तो उसने पाठ्यक्रम समीक्षा समिति बनाई जिसकी सलाह पर सावरकर की जीवनी में बदलाव किया गया है।