अधर्म का नाश करने के लिए अवतरित होते प्रभु

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बीकानेर। उस्तों की बारी के बाहर संजय पैलेस में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पंाचवे दिन रविवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर नन्द के आनन्द भयो, जय कन्हैयालाल की उद्घोषण से पंडाल गुंजायमान हो गया। इस मौके पर भक्त अपने स्थान पर खड़े होकर झूमने लगे। भक्तों ने बाल श्रीकृष्ण की सजी सचेतन झांकी पर माखन मिश्री का भोग लगाया तथा बधाइयां बांटी। इस मौके पर भागवताचार्य मेवाड़ राजवंश की श्रीकृपा जी व्यास महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब इस धरती पर पाप व अधर्म बढ़ा है। तब न तब किसी न किसी रुप में भगवान ने इस धरा पर अवतरित होकर उसका नाश किया है। इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण की सचेतन झांकियां सजी। इससे पूर्व मुख्य यजमान जिनेन्द्र स्वामी व उनके परिवार के सदस्यों ने भागवत व व्यास पीठ का पूजन किया।