पश्चिम बंगाल में रेजिडेंट चिकित्सकों के साथ हुई हिंसा के खिलाफ बीकानेर के डॉक्टर्स ने विरोध जताया

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बीकानेर।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले आज बीकानेर के सभी चिकित्सकों ने एक आवाज मे पश्चिम बंगाल मे चिकित्सकों के साथ हुई हिंसा और मारपीट के खिलाफ कलेक्ट्रेट मे प्रदर्शन किया और सीएमएचओ डॉ देवेंद्र चौधरी के नेतृत्व में कलेक्टर कुमार पाल गौतम को माननीय प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।

आइ.एम.ए के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ महेश शर्मा ने चिकित्सकों पर हो रहे हमले को शर्मनाक बताया और कहा कि अगर इस तरीके से अगर लगातार हिंसा होती रही तो डॉक्टर कैसे मरीजों की सेवा करेंगे? जब अस्पतालों में डॉक्टर्स के लिए ही सुरक्षा का माहौल नहीं होगा तो मरीजों का इलाज नहीं किया जा सकता।

आइ.एम.ए बीकानेर सिटी ब्रांच के अध्यक्ष डॉ अबरार पंवार ने पूरे देश में चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए एक विशेष कानून बनाने की मांग की ताकि डॉक्टर्स के खिलाफ बढती हिंसा के पर लगाम लगाई जा सके।

आइ.एम.ए बीकानेर के सचिव डॉ नवल किशोर गुप्ता ने पश्चिम बंगाल मे चिकित्सकों के साथ हिंसा करने वाले लोगों पर जल्द से जल्द कडी कानूनी कारवाई करने की मांग की।
आइ.एम.ए बीकानेर प्रवक्ता डॉ सुनील हर्ष ने बताया कि बीकानेर आइ.एम.ए के आवाह्न पर सभी सरकारी, गैर सरकारी और रेजिडेंट व इंटर्न चिकित्सकों ने आज काला दिवस मनाया और मरीजों के इलाज के समय काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करवाया।

कलेक्टर से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल मे डॉ बी डी शर्मा, डॉ संगीता सेठिया, डॉ जी एस जोशी, डॉ लोकेश गुप्ता, डॉ सुनील हर्ष, डॉ वैभव पंवार ,डॉ धर्मेंद्र भामू एवं मेडिकल कॉलेज स्टूडेंट यूनियन के छात्र भी मौजूद थे।

दरअसल, ये घटना 10 जून करीब साढ़े पांच बजे की है. जब नील रत्न सरकार (NRS) मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी में आए गंभीर रूप से बीमार एक 85 वर्षीय व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई.
इस पर अस्पताल में हिंसा भड़क गई, कुछ देर बाद हथियारों के साथ दो ट्रक भरकर आई भीड़ ने मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में हमला कर दिया. इसमें दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हुए जिसमें से एक स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है जबकि कई और को भी चोटें आईं. NRS कॉलेज के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल अभी तक इस मामले में अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। पूरे देश में इस मामले मे जगह जगह चिकित्सकों के विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।