सुर-सन्ध्या में पं सन्तोष जोशी ने शास्त्रीय गायन से किया श्रोताओ को मंत्रमुग्ध

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बीकानेर। अनुराग कला केंद्र और उत्तर-पश्चिम रेलवे ललित कला एवं सांस्कृतिक संस्था, बीकानेर की और से आज शाम रेलवे ऑडिटोरियम में सुर-संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे जोशी घराने के पंडित सन्तोष जोशी ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओ को मंत्रमुग्ध कर दिया। संतोष जोशी ने कार्यक्रम की शुरुआत राग यमन में विलंबित ख्याल गायन तथा द्रुत ख्याल गायन से की। तबले पर संगत भानुप्रताप जोशी, तानपुरे पर शचि व्यास और हारमोनियम पर संगत ललित रत्तावा ने संगत की। पं जोशी ने राग यमन पर ही आधारित सुगम गीतों की प्रस्तुतियां और इस राग से जुड़ी जानकारियां श्रोताओ को दी। गायन के बाद जोशी जी ने हवाइन गिटार वादन भी किया। इसमें विभिन्न रागों और गीतों का प्रदर्शन किया। उत्तर-पश्चिम रेलवे ललित कला एवं सांस्कृतिक संस्था, बीकानेर के सुनील जोशी ने बताया कि शास्त्रीय गायन कला में भातखंडे संगीत विद्यापीठ से संगीत विशारद तथा इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त जोशी भारत के विभिन्न शहरों जयपुर, कलकत्ता, जोधपुर, चेन्नई, मुरैना, ग्वालियर, एर्नाकुलम, कड्डलूर आदि शहरों में अपनी प्रस्तुतियां दे चुके है। भारत के ख्यातिलब्ध हवायन गिटार वादक सुनील गांगुली से गिटार वादन में जोशी को बहुत बार मार्गदर्शन मिला है। ख्याल गायकी के क्षेत्र में विशेष रूप से प्रसिद्द जोशीजी के गायन में आलाप तथा तानों का प्रयोग विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत और कलाप्रेमी मौजूद थे। आगन्तुको का आभार रंगकर्मी विकास शर्मा ने किया।
नवलकिशोर व्यास
अनराग कला केंद्र