बीकानेर – डिपो व रसद कार्यालय के बीच घनचक्करी बने गरीब

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– राज्य सरकार की ओर से की गई नई राज्य व जिला स्तरीय पोर्टेलिबिटी से बिगड़ी व्यवस्था

डीएनआर रिपोर्टर. बीकानेर

दो रुपए प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं के लिए लोग डिपो व रसद विभाग के बीच घनचक्करी बने हुए है। अंतर जिला- राज्य स्तरीय पोर्टेबिलिटी व्यवस्था के तहत जिल लोगों के राशन कार्ड अन्यत्र डिपो पर स्थानान्तरित कर दिए गए थे। अब उनको राशन कार्ड वापस यथा स्थान पर जुड़वाने में इस गर्मी के मौसम में खासा पसीना बहाना पड़ रहा है।
दूरस्थ डिपो पर राशन कार्ड स्थानान्तरित होने की वजह से कई लोगों ने पिछले माह का गेहूं तक नहीं उठाया है तो जिन्होनें गेहूं उठाया उनको किराया-भाड़ा कर दो रुपए का गेहूं कहीं अधिक महंगा पड़ गया। लोकसभा चुनाव के बाद एक बार फिर से ऐसे उपभोक्ताओं को पुराने डिपो पर नाम जुड़वाने की छूट दी गई है। जिसके चलते ऐसे उपभोक्ता सस्ते दर की गेहूं लेने के लिए इन दिनों संबंधित राशन डिपो व रसद विभाग के बीच घनचक्करी बने हुए है। रसद विभाग की माने तो रोजाना एक से डेढ़ दर्जन उपभोक्ता वापस नजदीकी डिपो पर अपना राशन कार्ड स्थानान्तरित करवाने के लिए पहुंच रहे है।
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने उपभोक्ताओं को जिले व प्रदेश के किसी भी अनाज डिपो से राशन उपलब्ध कराने को लेकर शुरू की गई अंतर जिला- राज्य स्तरीय पोर्टेबिलिटी व्यवस्था उपभोक्ताओं को रास नहीं आई। राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई नई व्यवस्था के चलते उपभोक्ता राशन के लिए घनचक्करी बने हुए है।
सरकार की नई व्यवस्था के तहत बीकानेर सहित प्रदेश के 25-30 प्रतिशत उपभोक्ताओं के राशन कार्ड अन्यत्र व दूरस्थ स्थानों स्थित डिपो पर कर दिए गए थे।

ऑनलाइन आवेदन
दूसरी ओर खाद्य सुरक्षा योजना से जुडऩे के लिए पात्र लोगों से ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे है। किसी भी ई-मित्र केन्द्र पर पहुंचकर पात्र लोग इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।
ऑनलाइन आवेदन होने पर पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी तथा उपखण्ड स्तर पर उपखण्ड अधिकारी इन आवेदनों के आधार पर पात्रता सही पाए जाने पर उनको खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ देते है, किंतु देखने में आया है कि आवेदन तो बड़ी संख्या में हो रहे है। किंतु उनका भौतिक सत्यापन समय पर नहीं हो पा रहा है। जिसके कारण गरीब सस्ते अनाज से वंचित रह रहे है।

इसके लिए करें आवेदन

‘ऐसे उपभोक्ता जिनके राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी के तहत अन्यत्र डिपो में चले गए थे। वे अपने राशन कार्ड तथा आधार की फोटो प्रति के साथ जिला रसद कार्यालय में जमा करवाकर अपना राशन कार्ड फिर से पुराने डिपो से जुड़वा सकते है।’
– यशवंत भाकर, जिला रसद अधिकारी