साक्षी मिश्रा पर भड़कीं पायल रोहतगी ने मीडिया को बताया एंटी इंडिया सोच वाला

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नई दिल्ली। भाजपा विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा की लव स्टोरी को बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट पायल रोहतगी ने ड्रामा करार दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया जानबूझकर इस तरह की खबरों को दिखाती है। पायल ने कहा कि साक्षी मिश्रा 38 साल के दलित युवक के साथ भाग गई हैं और अपने से तकरीबन दोगुनी उम्र के युवक से शादी की है। इस पूरे मामले का उन्होंने एक वीडियो बनाया और जानबूझकर जाति का मसला इसमे आगे बढ़ाया। अपनी उम्र से दोगुने व्यक्ति से की शादी पायल ने कहा कि साक्षी का वीडियो उनके पिता के लिए था, लेकिन इसे उन लोगों ने वायरल किया जोकि भाजपा के खिलाफ है। साक्षी मिश्रा ने ऐसे आदमी से शादी की जोकि उसकी उम्र से लगभग दोगुना है। वह अपनी मर्जी से घर से भागी और वीडियो बनाया जिसमे उसने राजनीति और दलित शब्द का इस्तेमाल किया। उसने खुद को भोली-भाली दिखाने की कोशिश की है, लेकिन जिस तरह से उसने इस वीडियो में राजनीति शब्द का इस्तेमाल किया उससे साफ है कि उसने यह जानबूझकर और पूरी तरह से सोच समझकर किया है। आप जानते हैं कि जो वीडियो जातिवाद की बात रखते हैं वो तेजी से वायरल हो जाते हैं।
मीडिया पर जमकर बोला हमला

फेसबुक पर अपने तकरीबन 9 मिनट के वीडियों में पायल ने मीडिया पर जमकर हमला बोला और साक्षी के पिता का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया इस तरह की खबरों को जमकर दिखाती हैं, इस मुद्दे पर मीडिया ने सबसे ज्यादा गैर जिम्मेदाराना काम किया। साक्षी के पिता का मैंने इंटरव्यू देखा उसमे उन्होंने साफ कहा कि मेरी बेटी अडल्ट है और उसकी जो मर्जी हो कर सकती है। पायल ने कहा कि हमारी मीडिया कभी भी हलाला और तीन तलाक जैसे मुद्दों पर पीड़िताओं का लाइव डिबेट नहीं कराते हैं। हमारे देश की मीडिया एंटी इंडियन सोच रखती है।

सनातन धर्म को बदनाम किया जा रहा

पायल ने कहा कि साक्षी ने क्यों वीडियो बनाया यह मुझे नहीं पता है। 19 साल की लड़की के लिए कोई भी पिता अपनी बच्ची के लिए सबसे अच्छा विकल्प देना चाहते हैं। लेकिन इस लड़की का प्यार में ब्रेन वॉश हो चुका है, इसमे कोई दिक्कत नहीं है कि लड़का दलित है या किसी भी जाति का है। लेकिन लड़की ने जानबूझकर जाति को आगे बढ़ाया और टीवी चैनल इस मुद्दे को जमकर दिखा रहे हैं और वह सनातन धर्म को बदनाम करना चाहते हैं। मेरे हिसाब से हमारे धर्म में जातिवाद नहीं है, जातिवाद का बढ़ावा हमारे देश के नेता देते हैं।