जैसलमेर हादसा : टाटा सफारी हुई चकनाचूर, 8 लोगों की मौत, 5 साल की बच्ची को खरोंच तक नहीं

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जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर जिले में रामदेवरा-फलोद नेशनल हाईवे 11 पर बुधवार दोपहर को पोकरण के पास हुए सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। राजस्थान लोक परिवहन बस और एसयूवी टाटा सफारी के बीच हुई जबरदस्त भिड़ंत में आठ लोगों की जान चली गई, जिनमें सात एसयूवी में सवार थे जबकि एक बस में। जैसलमेर जिले के अब तक के भीषण हादसे में से एक इस दुर्घटना में जाको राखे सांईयां मार सके ना कोय वाली कहावत भी चरितार्थ हुई। हादसे में टाटा सफारी पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। इसमें सवार आठ लोगों में से महज सात साल की एक बच्ची जिंदा बच पाई। इतनी भीषण सड़क दुर्घटना में इस बच्ची के खरोंच तक नहीं आई है। सकुशल बच्ची पोकरण के अस्पताल में उपचाराधीन है।

लावरी के रहने वाले थे मृतक

रामदेवरा-फलोदी एनएच 11 पर हुए हादसे में मारे गए अधिकांश लोग नागौर जिले के भोपालगढ़ तहसील के लावरी गांव के बताए जा रहे हैं। इनमें 80 वर्षीय बिहारीलाल की पत्नी और दो बेटों समेत परिवार के अन्य लोग शामिल थे। सभी रामेदवरा मेले में शामिल होने आए थे, लेकिन आठ किलोमीटर पहले ही सरणायत फांटा के पास हादसे का शिकार हो गए। वहीं, लोक परिवहन बस के परिचालक ने भी पोकरण अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।

बस में सवार नौ यात्री भी घायल
जैसलमेर सड़क हादसे ने एसयूवी में सवार परिवार को कभी नहीं भूल सकने वाला जख्म दिया है। मौके पर पांच जनों की मौत हुई थी। फिर उपचार के दौरान तीन घायलों ने भी दम तोड़ दिया था। दुर्घटना की सूचना मिलने के पश्चात मृतक के परिजन देर रात्रि को रामदेवरा पहुंचे तो वहां का माहौल देखकर हर किसी की आंखों में आंसू छलक आए। वहीं, राजस्थान लोक परिवहन बस में सवार नौ यात्री भी हादसे में घायल हुए हैं।